लोक नाट्‌य अर्थ और परिभाषा:- ‘लोक नाट्‌य, दो शब्दों लोक और नाट्य से मिलकर बना है। लोक का आशय उस जनसामान्य वर्ग से है जो अभिजात्य संस्कार, शास्त्रीयता, पाणिटंयू चेतना तथा अहंकार से शून्य है। नाट्य का तात्पर्य है नाटक अर्थात किसी कथानक को…

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लोक साहित्य ⇒परिभाषा और वर्गीकरण: साहित्य मानव मन की प्रतिछवी है। यह मानव मन के भाव, दशा, सामाजिक स्थितियों तथा विभिन्न परिस्थितियों की सहज…

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देवी-देवता

पौराणिक कथाएँ